प्रशांत खत्री गन आइलैंड से पहले जल-वायु परिवर्तन पर अमिताव घोष की पुस्तक द ग्रेट दीरेंज्मेंट: क्लाइमेट चेंज एंड द अन्थिकेबल में उन्होंने इस बात की चर्चा की है कि अमेरिका में जल-वायु परिवर्तन पर यदि किसी संस्था में सबसे ज्यादा शोध हो रहा है तो वह कोई शोध-संस्था नहीं बल्कि पेंटागन है जो कि …
महेश जोशी फ़ेसबुक पर मित्रता में कभी-कभार विचित्र अनुभव होते हैं : प्रियदर्शी ठाकुर को मित्र बनाने का प्रस्ताव उन्हें स्वर्गीय जनार्दन ठाकुर का पुत्र जानकर भेजा, किन्तु निकले वे उनके छोटे भाई। लगभग चालीस वर्ष पहले जनार्दन ठाकुर अंग्रेज़ी के जाने-माने पत्रकार व पोलिटिकल कमेंटेटर थे और हम ‘नई दुनिया’ में उनके आलेखों के …
विमल कुमार संभव है आप लोगों में कुछ लोगों को यह जानकर आश्चर्य लगे पर उनके बारे में यह कोई नया रहस्योद्घाटन नहीं है बल्कि उनके कई जीवनीकारों ने इस बारे में लिखा है। विंची पर सोडोमी यानी गुदासंसर्ग का भी आरोप 1476 में लगा था पर अदालत में सबूत के अभाव में उन्हें बरी …
उपमन्यु गर्ग बेस्टसेलर का अंग्रेज़ी तमग़ा हासिल करने के लिए हिन्दी साहित्य में क्रमशः वही स्थिति उत्पन्न होती जा रही है जो चेतन भगत के बाद इंग्लिश में हुई. जैसे एक तय फ़ार्मूला हाथ लग गया है जो वेब सीरीज़ में आए मार्केट बूम को भी भुना लेना चाहता है इसलिए उसको भी लक्ष्य करके …
विमल कुमार आपको जानकर शायद थोड़ा आश्चर्य लगे रूस की वह कवयित्री शादीशुदा होने के बाद भी अपने समय के दो बड़े लेखकों के साथ एक ही समय में प्रेम करती थी जबकि उसने प्रेम विवाह किया था। उससे पहले भी युवावस्था में भी उसके मन में एक पुरुष के लिए प्रेम अंकुरित हुआ था …
राकेश मिश्र प्रो. जी. गोपीनाथन की पहचान एक वरिष्ठ भाषा वैज्ञानिक, अनुवादक और नवोन्मेषी शिक्षाशास्त्री की रही है । महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के दूसरे कुलपति के रूप में उन्होंने भाषा प्रौद्योगिकी और अनुवाद प्रौद्योगिकी जैसे विषय शुरू कर हिन्दी भाषा के परंपागत अध्ययन-अध्यापन को जैसे एक नई उड़ान दी थी । एक अनुवादक …
सारंग उपाध्याय एक रचना अपने में संपूर्ण है. एक सृजन हर प्रतिक्रिया से परे. एक सुंदर फूल खिलने में पूर्ण है तो एक बहती नदी का सौंदर्य उसके होने में. स्वयं में पूर्ण. एक कविता संपूर्ण जीवन को लेकर अभिव्यक्त हुई. जीवन से भरा मन और भावों से भरा जीवन. जीवन किताबों में कहां?कविता जीवन …
अंकित नरवाल “आदिवासी सिर्फ बैंक है, जिसने जंगल में व्यापारियों के पैसा कमाने के लिए जंगल और जमीन की अमानत सँजो रखी है, नेताओं के वोट जुटा रखे हैं। आठ करोड़ आदिवासियों की हिमायत का दम भरने वाली सरकार को तो अब सिर्फ उद्योगपतियों का हित दिखता है। बड़े-बड़े कारखाने दिख रहे हैं। वह उदारवाद …
उमा शंकर चौधरी हिन्दी कविता में जिन कवियों के यहां राजनीतिक चेतना बहुत मुखर रूप में आयी है वरिष्ठ कवि मदन कश्यप का नाम उनमें प्रमुख है। राजनीति उनकी कविता का मुख्य स्वर है। इसलिए जिन कविताओं में वे बहुत मुखर होकर राजनीतिक चिंताओं को नहीं पकड़तें हैं वहां भी राजनीतिक दुष्परिणाम प्रकारान्तर से जरूर …
विमल कुमार हिंदी साहित्य में इतिहास और पुराणों के आधार पर उपन्यास लिखना बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन उससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य यह है कि किसी रचना में उस दौर के इतिहास का इस्तेमाल करते हुए हैं उसमें एक नए पात्र और नये नायक का निर्माण करना जो इतिहास में वर्णित नहीं है …
कथाकार मनोहर श्याम जोशी के जीवन पर आधारित प्रभात रंजन की पुस्तक ‘पालतू बोहेमियन’ काफी चर्चित रही है। प्रस्तुत है पुस्तक से एक रोचक अंश– प्रभात रंजन इंटेलेक्चुअलता अमृतलाल नागर का शब्द है। जोशी जी उनको अपना पहला कथा गुरु मानते थे। मुझे याद है कि शुरूआती मुलाकात में ही उन्होंने बताया था कि वे …
राकेश कुमार कलाएँ मानव सभ्यता की समृद्धि का पैमाना होती हैं और समय को जाँचने-परखने वाली आँख भी। अक्सर आलोचक-समीक्षक अपनी सुविधा की दृष्टि से कलाओं को चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, साहित्य आदि विभिन्न विधाओं और उपविधाओं में बाँट देते हैं, पर कला और साहित्य तो जीवन की भाँति सीमाओं और रूढ़ियों का अतिक्रमण करते हैं …
अंकित नरवाल ‘आलोचना को हर हाल में गलत बनाम सही, झूठ और अपर्याप्त सच बनाम सच का रूप ग्रहण करना ही चाहिए।’–विजयदेव नारायण साही हिन्दी आलोचना के इतिहास में किसी भी तरह की ‘पक्षधरता’ के सवालों को दरअसल पार्टीगत व दलगत समीकरणों के मार्फत ही समझने की परंपरा रही है। व्यापक अर्थों में उसे सत्यान्वेषण …
लीलाधर मंडलोई वरिष्ठ कवि लीलाधर मंडलोई का गद्य भी पढ़ने में काव्यात्मक लगता है। उनकी डायरी विशेष तौर पर पढ़ी जाती रही है। अब तक उनकी तीन डायरी प्रकाशित हैं- ‘दाना-पानी’, ‘दिनन दिनन के फेर’ और ‘राग सतपुड़ा’। शीघ्र ही चौथी डायरी प्रकाशित होने वाली है। ‘कोरोना काल’ में रची गयी डायरी के कुछ पन्ने …














